लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के महीने में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। गुरुवार को मथुरा-वृंदावन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में भी पारा 36 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अक्टूबर को भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है, जबकि 10 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं, बरेली में बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने से किसान परेशान हैं।
मथुरा-वृंदावन में सबसे ज्यादा गर्मी, पारा 36.2 डिग्री
मथुरा-वृंदावन में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। तेज धूप और उमस के कारण दिनभर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक था। सुबह के समय आर्द्रता 90 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि शाम को यह घटकर 58 प्रतिशत रह गई। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
आगरा और झांसी में भी गर्मी का प्रकोप
प्रदेश के दूसरे सबसे गर्म शहरों में आगरा और झांसी रहे। गुरुवार को दोनों शहरों में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य से अधिक तापमान के चलते दिन में गर्मी और उमस का असर बना रहा।
पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण गर्मी से राहत नहीं मिल पाई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अक्टूबर को भी तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं, 10 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाने के साथ एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक हो सकती है।
11 से 14 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 अक्टूबर को बारिश की संभावना के बाद अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान फिर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। 11 से 14 अक्टूबर तक प्रदेश में गर्मी का असर जारी रहने का अनुमान है।
हालांकि, 10 अक्टूबर को बादल छाने और बारिश होने से कुछ इलाकों में अस्थायी राहत मिल सकती है। मौसम में होने वाले बदलाव के बीच लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
बरेली में बारिश और ओलों से किसानों की बढ़ी चिंता
बरेली में बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार शाम अचानक हुई बारिश के बाद गुरुवार सुबह भी बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। इससे खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई, जबकि हवा के कारण गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
किसानों के मुताबिक, धान की फसल पककर तैयार है और कई जगह कटाई का काम चल रहा है। ऐसे समय में बारिश होने से फसल को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। खेतों में पानी भरने के कारण कटाई और उपज को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी परेशानी आ रही है।
लगातार नमी बने रहने से धान की बालियां खराब होने और दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। गन्ने के खेतों में पानी भरने से भी फसल की देखभाल प्रभावित हो रही है। बारिश के कारण संभावित नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं।
